भोपाल। भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। हैदराबाद स्थित निजी स्पेस कंपनी Skyroot Aerospace ने 18 जुलाई 2026 को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से अपने पहले ऑर्बिटल रॉकेट Vikram-1 का सफल प्रक्षेपण किया। इस सफलता के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जहां निजी कंपनियां भी ऑर्बिटल रॉकेट विकसित कर सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेजने की क्षमता रखती हैं।
करीब 22 मीटर लंबे Vikram-1 रॉकेट को "मिशन आगमन (Mission Aagaman)" के तहत लॉन्च किया गया। मिशन के दौरान रॉकेट ने अपने पेलोड को सफलतापूर्वक पृथ्वी की निचली कक्षा (Low Earth Orbit) में स्थापित किया। इसे भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
भोपाल के हफीज शेख का नाम भी पहुंचा अंतरिक्ष तक
इस ऐतिहासिक मिशन से मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का भी विशेष जुड़ाव रहा। Skyroot Aerospace के एक विशेष अभियान के तहत दुनिया भर के लोगों के नाम इस मिशन के साथ अंतरिक्ष तक भेजे गए, जिनमें भोपाल निवासी हफीज शेख का नाम भी शामिल था।
हफीज शेख का नाम भारत के इस ऐतिहासिक मिशन का हिस्सा बनना न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे भोपाल और मध्य प्रदेश के लिए गर्व और सम्मान का विषय है। यह उपलब्धि इस बात का प्रतीक है कि भारत की वैज्ञानिक प्रगति में आम नागरिक भी किसी न किसी रूप में अपनी भागीदारी दर्ज करा रहे हैं।
हफीज शेख ने जताई खुशी
इस अवसर पर हफीज शेख ने कहा कि यह उनके जीवन के सबसे यादगार पलों में से एक है। उन्होंने कहा कि भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है, वह देश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने इस ऐतिहासिक मिशन से अपना नाम जुड़ने पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि इसके माध्यम से भोपाल का नाम भी इस उपलब्धि से जुड़ गया।
भारत के निजी स्पेस सेक्टर के लिए नई शुरुआत
Vikram-1 की सफलता भारत के निजी अंतरिक्ष उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस उपलब्धि से देश में स्पेस स्टार्टअप, वैज्ञानिक अनुसंधान और वाणिज्यिक अंतरिक्ष मिशनों को नई गति मिलेगी तथा भारत वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति और अधिक सशक्त करेगा।