बेलगावी, कर्नाटक: कर्नाटक के बेलगावी जिले में 46 वर्षीय पूर्व सैनिक संदीप कलागौड़ा मंजरगी की मौत का मामला करीब तीन महीने बाद एक कथित हत्या की साजिश में बदल गया। संदीप की मौत 15 मार्च 2026 को अस्पताल में हुई थी। उस समय उनकी मौत को हार्ट अटैक बताया गया था और शुरुआती पोस्टमार्टम व फॉरेंसिक जांच में जहर नहीं मिलने की बात सामने आई थी। लेकिन बाद में पुलिस की जांच में पत्नी सुमा मंजरगी और उसके कथित प्रेमी पुंडलिक विट्ठल डोम्बर समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का आरोप है कि हत्या के पीछे करीब ₹2 करोड़ के बीमा की रकम और कथित अवैध संबंध मुख्य वजह थे।

13 मार्च को हुआ था बाइक हादसा

पुलिस के मुताबिक, 13 मार्च 2026 को संदीप की बाइक फिसल गई थी। उन्हें पहले हुक्केरी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। बाद में उनकी पत्नी सुमा उन्हें घाटप्रभा स्थित JG को-ऑपरेटिव अस्पताल लेकर गईं।

संदीप को हादसे में गंभीर चोटें नहीं आई थीं और पुलिस ने अस्पताल में उनका बयान भी दर्ज किया था। उन्होंने हादसे को लेकर पुलिस में कोई शिकायत नहीं की थी।

इसके बाद उन्हें अस्पताल के एक विशेष कमरे में भर्ती किया गया। पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान कथित साजिश को अंजाम दिया गया।

15 मार्च को अचानक हुई मौत

संदीप की 15 मार्च को अस्पताल में मौत हो गई। शुरुआती तौर पर उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया।

मौत के बाद शव को बेलगावी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज यानी BIMS भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम हुआ। शुरुआती फॉरेंसिक रिपोर्ट में भी जहर मिलने से इनकार किया गया और मौत को कार्डियक अरेस्ट से जोड़कर देखा गया।

हालांकि पुलिस को यह बात खटक रही थी कि जिस हादसे में संदीप को गंभीर चोटें नहीं आई थीं, उसके बाद उनकी अचानक मौत कैसे हो गई।

फिर एक सोशल मीडिया पोस्ट ने बदला पूरा मामला

मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब संदीप की पत्नी के कथित प्रेमी पुंडलिक डोम्बर ने सोशल मीडिया और WhatsApp पर एक पोस्ट/वीडियो डाला। पुलिस के मुताबिक, इस पोस्ट में उसने संदीप की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए और ऐसा संकेत दिया कि उसे मामले की अंदरूनी जानकारी है।

पुलिस ने डोम्बर को पूछताछ के लिए बुलाया। पूछताछ के दौरान पुलिस के अनुसार उसने कथित साजिश से जुड़ी कई जानकारियां दीं।

पुलिस का कहना है कि संदीप और डोम्बर एक-दूसरे को जानते थे और दोनों ने कारोबार में भी साथ काम किया था। इसी दौरान संदीप की पत्नी सुमा और डोम्बर के बीच कथित संबंध बन गए।

पुलिस के मुताबिक करीब ढाई साल पहले शुरू हुई थी साजिश

बेलगावी पुलिस के अनुसार, सुमा और डोम्बर ने करीब ढाई साल पहले संदीप को रास्ते से हटाने की योजना बनानी शुरू की थी।

जांच में पुलिस को संदीप के नाम पर करीब ₹2 करोड़ की दुर्घटना बीमा पॉलिसियों की जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, तीन अलग-अलग पॉलिसियां थीं, जिनमें दो HDFC से और एक SBI से जुड़ी बताई गई है।

पुलिस का यह भी कहना है कि संदीप को इन पॉलिसियों की जानकारी थी या नहीं, इसकी जांच अभी महत्वपूर्ण हिस्सा है।

अस्पताल में सलाइन के जरिए जहर देने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, 13 मार्च के हादसे के बाद संदीप को JG अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में आरोप सामने आया कि अस्पताल से जुड़े एक व्यक्ति की मदद से उन्हें विशेष कमरे में भर्ती कराया गया।

पुलिस का आरोप है कि संदीप को सलाइन के जरिए जहरीला पदार्थ दिया गया और उन्हें नींद की गोलियां भी दी गईं।

Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने आरोप लगाया कि सलाइन में चूहे मारने वाले जहर और कीटनाशक को मिलाया गया था। हालांकि इस तरह के विवरण को पुलिस जांच में सामने आए आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए, अंतिम न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं।

मौत के बाद कथित तौर पर सबूत मिटाने की कोशिश

पुलिस की जांच में कथित तौर पर हत्या के बाद सबूत छिपाने की एक दूसरी साजिश भी सामने आई।

पुलिस के मुताबिक, सुमा ने अपनी मां, जो स्वास्थ्यकर्मी बताई गई हैं, के माध्यम से RMP डॉक्टर डॉ. बसवराज भस्मे से संपर्क किया। आरोप है कि इसके बाद फॉरेंसिक जांच को प्रभावित करने के लिए करीब ₹3 लाख की रकम की व्यवस्था की गई।

पुलिस का आरोप है कि यह रकम फॉरेंसिक साइंस लैब के अधिकारियों तक पहुंचाई गई और शुरुआती रिपोर्ट में जहर नहीं मिलने की बात सामने आई।

इस मामले में फॉरेंसिक साइंस लैब के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, लैब असिस्टेंट और क्लर्क समेत अन्य सरकारी कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हुई।

तीन महीने बाद कब्र से निकाला गया शव

जब पुलिस को मामले में गंभीर संदेह हुआ तो अदालत की अनुमति के बाद संदीप का शव कब्र से बाहर निकाला गया।

रिपोर्टों के मुताबिक, 11 जून 2026 को शव को बाहर निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच कराई गई। इस दोबारा जांच के बाद पुलिस ने मामले को हत्या की दिशा में आगे बढ़ाया।

यानी जिस व्यक्ति की मौत को मार्च में हार्ट अटैक माना गया था, करीब तीन महीने बाद उसी शव की दोबारा जांच ने पूरे मामले की दिशा बदल दी।

नौ लोगों की गिरफ्तारी

15 जून 2026 को बेलगावी पुलिस ने मामले में नौ लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी।

गिरफ्तार आरोपियों में संदीप की पत्नी सुमा मंजरगी, उसका कथित प्रेमी पुंडलिक विट्ठल डोम्बर, डोम्बर का सहयोगी सचिन सेलर, RMP डॉक्टर बसवराज भस्मे, FSL के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी PN/PM नागराज, लैब असिस्टेंट चन्नैया अदिविस्वामिमठ, FSL क्लर्क अप्पासाहेब नाइक/नायक, पुलिस कमिश्नर कार्यालय से जुड़े कर्मचारी अशोक गुजनाल/गुजानल और अस्पताल से जुड़ा राहुल जोगी शामिल हैं।

अलग-अलग रिपोर्टों में कुछ नामों की अंग्रेजी वर्तनी में मामूली अंतर है।

पुलिस के मुताबिक पैसों के विवाद ने खोला राज

पुलिस का कहना है कि सुमा और डोम्बर की योजना संदीप की मौत के बाद साथ रहने की थी। लेकिन बाद में दोनों के बीच पैसों को लेकर विवाद हुआ।

पुलिस के अनुसार, सुमा द्वारा डोम्बर से दूरी बनाने के बाद वह नाराज हो गया और उसने सोशल मीडिया पर ऐसी जानकारी साझा की, जिससे पुलिस का ध्यान इस मामले की ओर गया।

यही पोस्ट कथित तौर पर उस मामले का अहम सुराग बनी, जिसे शुरुआत में हार्ट अटैक की मौत माना जा रहा था।

पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?

जांच के दौरान पुलिस ने कथित तौर पर जहर की बोतलें, सिरिंज, मोबाइल फोन और अन्य सामग्री जब्त की है। पुलिस इन सामानों को मामले से जोड़कर जांच कर रही है।

पुलिस ने यह भी कहा है कि बीमा पॉलिसियों की वास्तविक स्थिति, उनके लिए किसने आवेदन किया और संदीप को उनकी जानकारी थी या नहीं—इन सभी पहलुओं की जांच जारी है।

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि पुलिस के आरोप सही साबित होते हैं, तो एक व्यक्ति की मौत को प्राकृतिक मौत दिखाने के लिए अस्पताल, फॉरेंसिक जांच और सरकारी तंत्र से जुड़े इतने लोगों की कथित भूमिका कैसे बनी?

फिलहाल पुलिस ने नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप अदालत में साबित होना बाकी हैं।

महत्वपूर्ण: उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर यह कहना सही होगा कि पुलिस ने हत्या, जहर देने, बीमा की रकम के लिए कथित साजिश और फॉरेंसिक सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों को अदालत में अंतिम रूप से साबित होना अभी बाकी है।