मध्यप्रदेश | प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल, मध्य प्रदेश की ओर से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया। काउंसिल ने UCC के प्रावधानों को लेकर धार्मिक स्वतंत्रता, संवैधानिक अधिकारों और व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े मुद्दों पर अपनी चिंताएं सामने रखीं।
ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 25, 26 और 29 का उल्लेख करते हुए कहा गया कि धार्मिक स्वतंत्रता, धार्मिक संस्थाओं के अधिकार तथा समुदायों की सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान का संरक्षण संवैधानिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। काउंसिल ने मुस्लिम समाज के विवाह, तलाक और उत्तराधिकार जैसे व्यक्तिगत मामलों में धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों को ध्यान में रखने की मांग की।
काउंसिल की ओर से यह भी सवाल उठाया गया कि यदि UCC में अनुसूचित जनजातियों और कुछ विशेष समूहों को उनकी परंपराओं एवं संवैधानिक संरक्षण के आधार पर छूट दी जा रही है, तो मुस्लिम समाज के व्यक्तिगत कानूनों के संबंध में भी समान दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।
ज्ञापन में UCC को लेकर व्यापक जन-परामर्श और सभी संबंधित पक्षों की राय लिए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
ज्ञापन सौंपने वालों में ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल मध्य प्रदेश के जनरल सेक्रेटरी उमर असलम, काज़मी उल हक़, अख्तर खान, फैज़ुद्दीन, शादाब और ओसाफ अली शामिल रहे।
काउंसिल ने राज्यपाल से मांग की कि प्रस्तावित UCC पर संवैधानिक अधिकारों, धार्मिक स्वतंत्रता और देश की विविधतापूर्ण सामाजिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए गंभीरता से विचार किया जाए।
रिपोर्टर — न्यूज़ मोहल्ला, प्रधान संपादक फैजुद्दीन 9301363785